तिरंगा जब सामने होता है
आदरणीय मुख्य अतिथिगण, प्रधानाचार्य महोदय, सम्मानित शिक्षकगण, उपस्थित अभिभावकजन और मेरे प्यारे साथियों,
आप सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।
जब तिरंगा हवा में लहराता है, तो हम सभी के मन में एक अलग ही भावना पैदा होती है।
हम खड़े हो जाते हैं।
हम सावधान हो जाते हैं।
हम राष्ट्रगान गाते हैं।
लेकिन आज मैं चाहता हूँ कि कुछ क्षण के लिए हम तिरंगे को सिर्फ देखें नहीं—उसे महसूस करें।
सोचिए, इस तिरंगे ने कितनी पीढ़ियों को देखा है।
इसने आजादी का संघर्ष देखा।
इसने स्वतंत्रता सेनानियों के सपने देखे।
इसने आजाद भारत की पहली सुबह देखी।
इसने युद्धों में हमारे सैनिकों का साहस देखा।
इसने वैज्ञानिकों की उपलब्धियाँ देखीं।
इसने खिलाड़ियों की जीत देखी।
और इसने करोड़ों भारतीयों को आगे बढ़ते हुए देखा।
लेकिन तिरंगे की सबसे खूबसूरत बात यह है कि यह हम सबका है।
हम अमीर हों या गरीब।
हम शहर में रहते हों या गाँव में।
हम कोई भी भाषा बोलते हों।
हमारा पहनावा अलग हो सकता है।
हमारी पसंद अलग हो सकती है।
हमारे विचार अलग हो सकते हैं।
लेकिन जब तिरंगा हमारे सामने आता है, तो हम सब एक हो जाते हैं।
यही भारत की ताकत है।
हमारी विविधता हमारी कमजोरी नहीं है।
हमारी विविधता हमारी पहचान है।
साथियों,
स्वतंत्रता का अर्थ यह नहीं कि हम जो चाहें, वह करें।
स्वतंत्रता का असली अर्थ है—अपनी आजादी का उपयोग जिम्मेदारी के साथ करना।
हमें बोलने की आजादी मिली है, इसलिए हमें अपनी बात सोच-समझकर कहनी चाहिए।
हमें शिक्षा का अवसर मिला है, इसलिए हमें उसका सम्मान करना चाहिए।
हमें अपने सपने चुनने की आजादी मिली है, इसलिए हमें दूसरों के सपनों का भी सम्मान करना चाहिए।
आज जब हम अपने स्वतंत्रता सेनानियों को याद करते हैं, तो हमें एक बात जरूर याद रखनी चाहिए—
उन्होंने हमारे लिए एक स्वतंत्र भारत छोड़ा।
अब हमें आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर भारत छोड़ना है।
एक साफ भारत।
एक शिक्षित भारत।
एक सुरक्षित भारत।
एक संवेदनशील भारत।
और एक ऐसा भारत जहाँ किसी बच्चे को अपने सपनों को छोटा करने की जरूरत न पड़े।
जब अगली बार तिरंगा हमारे सामने लहराए, तो हम केवल सलामी न दें।
अपने मन से एक सवाल भी पूछें—
क्या मैं अपने देश को कल से थोड़ा बेहतर बनाने के लिए आज कुछ कर रहा हूँ?
अगर हमारा जवाब हाँ है, तो शायद यही उस तिरंगे के प्रति हमारी सबसे सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
जय हिंद!
भारत माता की जय!