2047 का भारत और हमारी जिम्मेदारी
आदरणीय मुख्य अतिथिगण, प्रधानाचार्य महोदय, सम्मानित शिक्षकगण, उपस्थित अभिभावकजन और मेरे प्यारे साथियों,आप सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।
आज 15 अगस्त 2026 है।
हम आजादी के 80वें वर्ष में प्रवेश कर चुके हैं।
आज से कुछ दशक बाद, 2047 में, भारत अपनी स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे करेगा।
उस समय शायद हममें से कई लोग बड़े हो चुके होंगे।
किसी के हाथ में डॉक्टर की डिग्री होगी।
कोई इंजीनियर होगा।
कोई शिक्षक होगा।
कोई वैज्ञानिक होगा।
कोई सैनिक होगा।
कोई किसान होगा।
कोई व्यवसाय कर रहा होगा।
और शायद कोई ऐसा काम कर रहा होगा जिसकी आज हमने कल्पना भी नहीं की है।
लेकिन एक सवाल हम सभी के सामने होगा—
हमने भारत के लिए क्या किया?
2047 का भारत कैसा होगा, यह केवल आज के नेताओं से तय नहीं होगा।
यह हमसे भी तय होगा।
आज जो बच्चा स्कूल में ईमानदारी सीख रहा है, वही कल देश में ईमानदारी लाएगा।
आज जो विद्यार्थी विज्ञान पढ़ रहा है, वही कल नई खोज कर सकता है।
आज जो बच्चा पेड़ लगाने का महत्व समझ रहा है, वही कल पर्यावरण बचाएगा।
आज जो विद्यार्थी दूसरे धर्म, भाषा और संस्कृति का सम्मान करना सीख रहा है, वही कल भारत की एकता मजबूत करेगा।
इसलिए भविष्य कहीं दूर नहीं है।
भविष्य आज हमारी कक्षा में बैठा है।
हमारे हाथों में है।
हमारे फैसलों में है।
हमारी आदतों में है।
और हमारे सपनों में है।
स्वतंत्रता दिवस हमें केवल 1947 की याद नहीं दिलाता।
यह हमें 2047 के बारे में सोचने का अवसर भी देता है।
हम ऐसा भारत चाहते हैं जहाँ विकास हो, लेकिन प्रकृति भी सुरक्षित रहे।
जहाँ तकनीक आगे बढ़े, लेकिन इंसानियत पीछे न छूटे।
जहाँ सफलता मिले, लेकिन संवेदनशीलता भी बनी रहे।
जहाँ हर बच्चा अपने सपने देख सके और उन्हें पूरा करने का अवसर पा सके।
साथियों,
देश बनाना केवल बड़े-बड़े कामों से नहीं होता।
कभी-कभी देश निर्माण बहुत छोटी चीजों से शुरू होता है।
समय पर स्कूल पहुँचना।
ईमानदारी से परीक्षा देना।
किसी कमजोर साथी की मदद करना।
कूड़ा सड़क पर न फेंकना।
पानी बर्बाद न करना।
और अपने काम को पूरी जिम्मेदारी से करना।
ये छोटे काम लग सकते हैं।
लेकिन इन्हीं से बड़े राष्ट्र बनते हैं।
आज हम स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हैं।
लेकिन उनके सपनों को सच करने का काम अब हमारी पीढ़ी को करना है।
आइए, आज हम केवल जय हिंद न बोलें।
आइए, आज हम यह भी तय करें कि जब भारत 2047 में अपनी स्वतंत्रता की शताब्दी मनाए, तो हमें अपने आज के फैसलों पर गर्व हो।
हमारा भविष्य हमारे हाथों में है।
जय हिंद!
जय भारत!